नई दिल्ली, जुलाई 22 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। अमेरिका द्वारा जेनेरिक दवाओं पर प्रस्तावित ऊंचे शुल्क भारत के सबसे बड़े औषधि निर्यात बाजार को प्रभावित कर सकते हैं। हालांकि, इसका असर सभी उत्पादों पर एक समान नहीं पड़ेगा। आर्थिक शोध संस्था जीटीआरआई ने बुधवार को यह आकलन पेश किया। संस्था रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय जेनेरिक दवाएं ब्रांडेड दवाओं की तुलना में सात से दस गुना सस्ती होती हैं। ऐसे में 100 प्रतिशत शुल्क लगने के बाद भी कई उत्पाद सस्ते बने रह सकते हैं। अतिरिक्त लागत का बोझ अमेरिकी स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं, बीमा कंपनियों और मरीजों पर डाला जा सकता है। रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि भारत को अमेरिका पर अपनी निर्भरता घटाकर यूरोप, लातिनी अमेरिका, अफ्रीका और एशिया में निर्यात बढ़ाना चाहिए。 यह भी पढ़ें- ट्रंप का नया प्लान, 200% टैरिफ ...