नई दिल्ली, अक्टूबर 5 -- भारतीय-अमेरिकी समाजसेवी शर्मिला मोना सिन्हा को नेशनल वुमेन्स हॉल ऑफ फेम में शामिल किया। यह अमेरिका का पहला गैर-लाभकारी संगठन और संग्रहालय है, जो अमेरिकी महिलाओं की उपलब्धियों को सम्मानित करने के लिए बनाया गया है। 61 वर्षीय सिन्हा भारतीय मूल की दूसरी महिला हैं जिन्हें न्यूयॉर्क के सेनेका फॉल्स स्थित नेशनल हॉल ऑफ फेम में शामिल किया गया। सेनेका फॉल्स नामक कस्बे को अमेरिकी महिला अधिकार आंदोलन का जन्मस्थान माना जाता है। उनसे पहले पेप्सिको की सीईओ इंद्रा नूयी को यह सम्मान मिला था。

300 महिला की सूची में शामिल कोलकाता में जन्मीं सिन्हा को 24 सितंबर को नेशनल वुमेन्स हॉल ऑफ फेम में शामिल किया गया। शर्मिला अब उन 300 महिलाओं में शामिल हो गई, जिन्हें नेशनल वुमेन्स हॉल ऑफ फेम में सम्मानित किया गया। इसमें अमेरिका की पूर्व विदेश ...