गंगापार, फरवरी 27 -- माह-ए-रमजान के दूसरे जुमा के मौके पर कस्बा भारतगंज की मस्जिदों में रोजेदारों ने हाथ उठाकर दुआएं मांगी। तय वक्त पर खुतबा सुनने के बाद नमाज़-ए-जुमा अदा की गई। कस्बे के ईदगाह, गारोपुर, गाड़ीवान, चिकान, पठान, इस्लामिया, तकिया, डेरा वाली, तकी ,नूरी व बाजार वाली मस्जिद समेत पेश इमामों ने अपने खुतबे में रमजान की फज़ीलत पर रोशनी डाली। उन्होंने सब्र, तक़वा, इंसानियत, आपसी भाईचारे और जरूरतमंदों की मदद के महत्व को समझाते हुए रोज़े के असल मक़सद पर प्रकाश डाला। इमामों ने कहा कि रमजान आत्मशुद्धि, आत्मसंयम और सामाजिक सौहार्द का पैगाम देता है। इबादत के साथ-साथ गरीबों, यतीमों और बेसहारा लोगों की मदद करना हर सक्षम व्यक्ति की जिम्मेदारी है। नमाज़ के बाद बारगाह-ए-खुदा में हांथ उठाकर मुल्क में अमन-चैन, तरक्की, भाईचारे और खुशहाली की दुआए...
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