लखनऊ, मई 8 -- भानवी कुमारी सिंह की ओर से दाखिल अर्जी पर इससे पहले विशेष एसीजेएम अदालत ने मुकदमा दर्ज करने के बजाय उसे परिवाद के रूप में पंजीकृत किए जाने का आदेश दिया था। इसके विरुद्ध भानवी ने सत्र न्यायालय के समक्ष निगरानी याचिका दायर की थी। याचिका का निस्तारण करते हुए एमपी-एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश द्वारा विशेष सीजेएम की अदालत का आदेश रद्द करते हुए बीती 18 फरवरी को आदेश किया था। इसके बाद एमपी एमएलए कोर्ट के आदेश के खिलाफ अक्षय प्रताप सिंह द्वारा उच्च न्यायालय के समक्ष निगरानी याचिका दायर की गई। एमपी-एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश द्वारा पारित आदेश को रद्द किए जाने की अनुरोध किया था। परंतु उच्च न्यायालय ने अक्षय प्रताप सिंह की ओर से दायर इस याचिका को 26 मार्च को खारिज करते हुए सत्र अदालत के आदेश की पुष्टि कर दी थी। अब कोर्ट द्वारा मु...