नई दिल्ली, जून 22 -- भाजपा अपने संगठनात्मक विस्तार को लेकर संघ के साथ विचार कर रही है। कई राज्यों में सत्ता तक पहुंच और भावी लोकसभा और विधानसभाओं की संभावित संख्या को लेकर पार्टी अपने संगठनात्मक ढांचे को बड़ा आकार देना चाहती है। इससे केंद्र से लेकर विभिन्न स्तरों पर पदाधिकारियों की संख्या बढ़ाने के साथ संगठन के क्षेत्र भी बढ़ाए जा सकते हैं। हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि यह बदलाव कब किया जाएगा। भाजपा के देशव्यापी विस्तार को देखते हुए पार्टी में अब पदाधिकारियों की संख्या बढ़ाने की चर्चाएं बढ़ने लगी हैं। सूत्रों के अनुसार भाजपा और उसके वैचारिक संगठन आरएसएस के नेताओं के एक वर्ग का मानना है कि बढ़ते हुए संगठन के लिए पार्टी पदाधिकारियों की संख्या भी बढ़ाई जानी चाहिए। भाजपा में अभी अध्यक्ष समेत 40 केंद्रीय पदाधिकारी होते हैं। इनमें 13 उपाध्यक्ष...