लखनऊ, मार्च 17 -- भारतीय जनता पार्टी ने पहली बार संगठन में एक तिहाई पद महिलाओं के लिए आरक्षित किए हैं। 21 सदस्यीय जिला कार्यकारिणी में सात पद महिलाओं को दिए जाने हैं। एक ओर आधी आबादी को जोड़ने के लिए इसे पार्टी का मास्टर स्ट्रोक माना जा रहा है तो दूसरी तरफ इस आरक्षण ने पेंच भी फंसा दिया है। चुनावी साल में सात ऐसे सक्रिय चेहरे खोजना मुश्किल हो रहा है। खासतौर से ग्रामीण इलाकों में ऐसी महिलाएं खोजने में जिला संगठन और पर्यवेक्षकों के पसीने छूट रहे हैं। वहीं नये नियम ने सक्रिय पुरुष कार्यकर्ताओं की भी बेचैनी बढ़ा दी है। मोदी सरकार ने वर्ष 2023 में नारी शक्ति वंदन अधिनियम लागू किया था। इसके जरिए महिलाओं के लिए सदन में 33 फीसदी सीटें आरक्षित की जानी हैं। सदन से पहले भाजपा ने अपने संगठन से इसकी शुरुआत कर दी है। प्रदेश में इन दिनों 94 संगठनात्मक ज...