सहारनपुर, जून 26 -- सहारनपुर, संवाददाता। भाजपा की नई प्रदेश कार्यकारिणी के गठन के बाद सहारनपुर एक बार फिर संगठनात्मक प्रतिनिधित्व से वंचित रह गया है। वर्ष 2019 के बाद लगातार दूसरी बार प्रदेश संगठन में जिले के किसी नेता को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी नहीं मिलने से राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भाजपा के मजबूत गढ़ के रूप में पहचान रखने वाले सहारनपुर को प्रदेश टीम में स्थान न मिलने को स्थानीय कार्यकर्ता और नेता बड़ी चूक के रूप में देख रहे हैं। सहारनपुर को आखिरी बार वर्ष 2016 में प्रदेश स्तर पर बड़ा प्रतिनिधित्व मिला था, जब जिले के वरिष्ठ भाजपा नेता एवं वर्तमान राज्यमंत्री जसवंत सैनी को प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया था। यह भी पढ़ें- लगातार दूसरी बार आजमगढ़ के हिस्से में गोरखपुर क्षेत्रीय अध्यक्ष का पद वर्ष 2019 तक व...