लखनऊ, जनवरी 28 -- लखनऊ, विशेष संवाददाता समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बुधवार को कहा है कि भाजपा के दंभ ने अनादिकाल से चली आ रही सनातनी परंपरा को तोड़ दिया है। जगद्गुरु शंकराचार्य का तीर्थराज प्रयाग की धरती पर माघ मेले को बिना पवित्र स्नान किए छोड़कर जाना एक अत्यंत अनिष्टकारी घटना है। संपूर्ण विश्व का सनातन समाज इससे आहत ही नहीं बल्कि अनिश्चित भय से आशंकित है। अखिलेश ने कहा कि भाजपा और उसके संगी-साथी चाहते तो सत्ता की हनक और अपने अंहकार को त्यागकर अपने कंधों पर उनकी पालकी उठाकर, उन्हें त्रिवेणी-संगम पर पावन स्नान कराकर, उनके मर्माहत सम्मान का मान रख सकते थे लेकिन भाजपाइयों को भ्रष्ट साधनों से अर्जित अपनी शक्ति का घमंड है, जो उन्हें ऐसा करने से रोक रहा है। उन्होंने कहा कि संतों का मन दुखी कर कोई सुख...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.