नई दिल्ली, अक्टूबर 14 -- अखिलेश सिंह, रांची झारखंड में 2024 के विधानसभा चुनाव में भाजपा जहां महज एक आदिवासी आरक्षित सीट जीत पायी थी, वहीं चंदनकियारी, छतरपुर, कांके व देवघर की एससी आरक्षित सीटों पर पार्टी के तत्कालीन विधायकों को हार का सामना करना पड़ा था। वहीं, जेकेएलएम की तरफ कुर्मी वोटरों के झुकाव ने 11 विधानसभा सीटों पर भाजपा-आजसू गठबंधन को झटका दिया। अब भाजपा आदिवासी वोट बैंक को साथ लाने, दलित वोट बैंक को जोड़े रखने की चुनौती से निपटने में लगी है। दूसरी ओर झारखंड कांग्रेस भी तैयारी में जुट गई है। प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने 14 लोकसभा क्षेत्रों के लिए संसदीय क्षेत्र टीमें गठित की है। अंदरूनी तौर पर भाजपा ने इस दिशा में पहल शुरू कर दी है। 2024 के विधानसभा चुनाव में भाजपा एससी आरक्षित नौ सीटों में चार, जबकि एसटी आरक्षित 27 सीटों में...