बोकारो, मार्च 8 -- चास प्रतिनिधि। चिराचास नवीन कोऑपरेटिव में आयोजित भागवत कथा के दूसरे दिन शनिवार को श्रोताओं की भारी भीड़ रही। इस दौरान आचार्य वेदानंद शास्त्री आनंद ने चतुश्लोकी भागवत का व्याख्यान करते हुए विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि भागवत केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन के कल्याण का मार्ग दिखाने वाला दिव्य ज्ञान है। आचार्य ने बताया कि भागवत का मूल आधार सूतजी की बताए गए छह प्रश्न है, जिनका उद्देश्य जीव के कल्याण का मार्ग बताना है। प्रत्येक जीव की यही आंतरिक इच्छा होती है कि उसके जीवन में किसी प्रकार का दुख और समस्या न आए, किंतु यह सब जीव के पूर्वार्जित कर्म और प्रारब्ध पर भी निर्भर करता है। कथा के दौरान उन्होंने विदुरजी के प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि भक्त के प्रेम के वश में स्वयं भगवान भी हो जाते है। भगवान श्रीकृष्ण ने दुर...