बोकारो, फरवरी 26 -- बोकारो, प्रतिनिधि। मैथिली कला मंच काली पूजा ट्रस्ट की ओर से नगर के सेक्टर-2 स्थित श्यामा माई मंदिर में आयोजित होली महोत्सव सह श्रीमद्भागवत कथा वृष्टि रस कार्यक्रम के तीसरे दिन बुधवार को गोविंदजी शास्त्री ने राजा परीक्षित और शुकदेव प्रसंग का वर्णन किया। इसके माध्यम से उन्होंने श्रीमद्भागवत कथा की महत्ता बताई। उन्होंने कहा कि इस कथा श्रवण का यही माहात्म्य है कि इससे निरर्थक जीवन भी सार्थक हो जाता है। इस क्रम में शास्त्री जी ने यदि नाथ का नाम दयानिधि है तो दया भी करेंगे कभी न कभी... जैसे भजनों से भक्तिमय वातावरण में और चार चांद लगा दिए। उनके साथ-साथ श्रद्धालु भी भाव-विभोर हो झूमते नाचते और गाते रहे। शास्त्रीजी ने शुकदेव परीक्षित संवाद का वर्णन करते हुए कहा कि एक बार परीक्षित महाराज वनों में काफी दूर चले गए। उनको प्यास लगी...