प्रतापगढ़ - कुंडा, जून 3 -- बाबागंज। श्रीमद्भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने का माध्यम है। श्रीमद्भागवत कथा सुनने से मानव को जीवन जीने का आत्म विश्वास मिलता है। यह सीख गोगहर गांव में चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा में आचार्य श्याम मुरारी ने दी। उन्होंने कहा कि श्रद्धा और भक्ति भाव से कथा सुनने से मनुष्य के जन्म जन्मांतर के पाप कट जाते हैं। इस मौके पर सुन्दरलाल पाल, हरिश्चन्द पाल, पप्पू तिवारी, महेश पाल, नन्हें पाल, कृष्ण कुमार, महेश कुमार आदि मौजूद रहे।

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