संतकबीरनगर, मई 4 -- संतकबीरनगर, निज संवाददाता। विकास खंड बघौली के अंतर्गत उतरावल में आयोजित श्रीमद्भागवत महापुराण के द्वितीय दिवस पर डॉ. धरणीधर जी महाराज ने शुकदेवजी के जन्म का वृतांत का विस्तार से वर्णन किया। माता कुंती के जीवन का भी उदाहरण दिया और कहा कि माता कुंती एकमात्र ऐसी भक्त हैं जिन्होंने भगवान से वरदान मांगते हुए कहा था, भगवान अगर मैं सुख में रहूंगी तो आपको भूल जाऊंगी, लेकिन दुख में आप सदा मेरे साथ रहेंगे। इसीलिए हर परिस्थिति में प्राणी को भगवत भजन का आश्रय नहीं छोड़ना चाहिए।कथा व्यास आचार्य धरणीधर जी महाराज ने कहा कि आप सब पर ठाकुर जी की कृपा है। यह भी पढ़ें- भागवत कथा में शुकदेव जन्म व अमर कथा का हुआ विस्तार से वर्णन जिसकी वजह से आप आज कथा का आनंद ले रहे हैं। श्रीमद्भागवत कथा का रसपान कर पा रहे हैं क्योंकि जिन्हें गोविन्द प्रद...
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