भागलपुर, मई 7 -- शाहकुंड। भागवत कथा लोगों को जीना सिखाती है। व्यक्ति की संगति से उसका आचरण तय होता है। लोगों को कमल की तरह होना चाहिए। जैसे कमल पैदा तो होता है कीचड़ से, लेकिन कीचड़ से बहुत दूर खिलता है। मेंढ़क और मच्छर कीचड़ में रहते हैं। लेकिन भौंरा उस कमल के फूल पर बैठता है। कमल भगवान को बहुत प्यारा होता है। उक्त बातें देवी कृष्णा प्रिया ने प्रखंड के शहजादपुर गांव में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन कहीं। यह प्रवचन सुनने के लिए भक्तों की भीड़ लगी है। यह भी पढ़ें- भागवत कथा लोगों को जीना सिखाती है : देवी कृष्णा प्रियाजी यह भी पढ़ें- शाहकुंड के शहजादपुर गांव में निकाली गई कलश शोभायात्रा
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