हाथरस, अप्रैल 26 -- सहपऊ। कोतवाली क्षेत्र के गांव रैपुरा में चल रही भागवत कथा में कथाव्यास सतीश चन्द्र शास्त्री ने श्रद्धालुओं को श्रीकृष्ण और गोपिकाओं के विहर वर्णन का प्रसंग सुनाया । उन्होंने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने गोपियाें के साथ यह लीला वृंदावन की निकुजों ,यमुना तट और गोवर्धन पर्वत के आस-पास के वनों में की । वह उनकी निश्छल प्रेम का प्रतीक है। शरद पूर्णिमा की रात श्रीकृष्ण ने बांसुरी बजाकर गोपियां को मोहित किया और यमुना के तट पर उनके साथ दिव्य राज नृत्य किया । इसमें भगवान ने उनको आत्म-समर्पण एवं एकात्म भाव सिखाया । कथा सुनने पहुंचे करैया के चौधरी श्याम पाल सिंह उर्फ मुखिया ने कथाव्यास का पट्टिका एवं प्रतीक चिन्ह देकर सम्मान कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान पुष्पेंद्र प्रधान, अरुण शर्मा, मुन्नू चौहानअंकित उपाध्याय सहित का...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.