हाथरस, जून 7 -- सहपऊ। क्षेत्र के गांव बुर्जनौजी स्थित धर्मशाला में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन कथा व्यास गोपाल शास्त्री ने अपने मुखारविंद से श्रद्धालुओं को बकासुर वध प्रसंग सुनाया। उन्होंने श्रद्धालुओं को बताया कि जब कंस का यह पत लगा गया कि उसके मारने वाला पैदा हो गया है तो उसने बालक श्रीकृष्ण को मारने के लिए पहले पूतना को भेजा । बालक श्रीकृष्ण ने उसे दूध पीते ही मार दिया। इसके बाद उसने बकासुर राक्षस को उनको मारने के ​लिए भेजा । बकासुर ने बगुला का रूप रख लिया और भगवान श्रीकृष्ण को खा गया । वह भगवान श्रीकृष्ण को पेट में अ​​​धिक समय के लिए नहीं रख पाया इस प्रकार भगवान श्रीकृष्ण ने बकासुर का वध कर दिया दौरान काफी संख्या में श्रद्धालु मौजूद ​थे।

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