विकासनगर, अप्रैल 14 -- सेलाकुई, संवाददाता। बायांखाला के करणी मंदिर में चल रही भागवत कथा के पांचवें दिन मंगलवार को श्रीकृष्ण रुक्मिणी विवाह प्रसंग विस्तार से सुनाया। श्रीकृष्ण-रुक्मिणी की झांकी दिखाई गई। कथावाचक ने कहा कि धर्म पुराणों में आठ प्रकार के विवाहों का उल्लेख मिलता है, जिनमें ब्राह्मा विवाह सर्वश्रेष्ठ है। ब्राह्मा विवाह द्वारा जो संतान उत्पन्न होती है, वही संतान पितरों को गति प्रदान करने वाली होती है। यह भी पढ़ें- भागवत कथा सुनने मात्र से होती है मोक्ष की प्राप्ति

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