विकासनगर, जून 7 -- हनुमदधाम में चल रहे भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का रविवार को पूर्णाहुति देकर समापन किया गया। कथा के अंतिम दिन कथा व्यास ने क‌ई कथा प्रसंगों का श्रोताओं को श्रवण कराया। जिसमें ऊषा चरित्र, नृग चरित्र, बासुदेव नारद संवाद, सुदामा प्रसंग, परीक्षित मोक्ष की कथाओं का श्रवणपान करवाया। उन्होंने श्रोताओं को भागवत को अपने जीवन में उतारने की सलाह दी। सुदामा चरित्र के माध्यम से भक्तों को श्रीकृष्ण और सुदाम की दोस्ती की मिसाल पेश की। समाज को समानता का संदेश दिया। कथा व्यास डॉ. सुनील उनियाल ने बताया कि श्रीमद् भागवत कथा का सात दिनों तक श्रवण करने से जीव का उद्धार हो जाता है, वहीं इस कथा को कराने वाले भी पुण्य के भागी होते हैं। यह भी पढ़ें- भागवत कथा में सुदामा चरित्र सुनकर भावुक हुए श्रद्धालु अंतिम दिन शुकदेव द्वारा राजा परीक्षित को सुनाई गई...