सुल्तानपुर, फरवरी 28 -- चांदा, संवाददाता। चांदा क्षेत्र के शोभीपुर गांव में आयोजित संगीतमयी श्रीमद्भागवतत्र कथा ज्ञान महायज्ञ के विश्राम दिवस पर कथा वाचक संतोष द्विवेदी जी महाराज ने सुदामा चरित्र और परीक्षित मोक्ष की कथा का भावपूर्ण वर्णन किया। सुदामा कृष्ण की मित्रता और जीवन में निस्वार्थता के महत्व को अत्यंत मार्मिक ढंग से प्रस्तुत किया। कथा को आगे बढाते हुए श्रीधाम अयोध्या से पधारे संतोष द्विवेदी जी महाराज ने बताया कि सुदामा और कृष्ण कि मित्रता दुनिया मे सच्ची मिश्रता का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने सुदामा के संघर्षों और कठिनाईयों के उल्लेखन करते हुऐ कहा कि सुदामा भले ही निर्धन थे, लेकिन उन्होने अपनी कठिन परिस्थितियों में भी श्रीकृष्ण से सहायता मांगने मे संकोच किया भगवान श्रीकृष्ण ने सुदामा के निस्वार्थ मित्रता का मान रखते हुऐ उन्हे धन धा...
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