हरदोई, दिसम्बर 19 -- भरावन। प्रताप खेड़ा में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन कथा व्यास अनोखा ठाकुर ने राम विवाह प्रसंग का भावपूर्ण एवं मार्मिक वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम और सीता का पावन विवाह मर्यादा, प्रेम और धर्म का प्रतीक है। विवाह के बाद जनकपुरी से माता सीता की विदाई का प्रसंग अत्यंत करुण रहा। इसे सुनकर श्रोतागण भावविभोर हो उठे। आयोजक मंडल अध्यक्ष लालता प्रसाद अर्कवंशी सहित विनीत पाण्डेय, विजय, ईश्वरदिन, शिवराज सिंह, ब्रजकिशोर व रामासारे उपस्थित रहे।
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