भागवत कथा में प्रकृति के संरक्षण का संदेश दिया
विकासनगर, जुलाई 8 -- हरीश बेंजवाल जमनपुर के ओंकारेश्वर मंदिर में चल रही भागवत कथा के दूसरे दिन को कथा व्यास ने ईशावास्यमिदं सर्वम् के दिव्य सूत्र के साथ प्रकृति व पर्यावरण को समर्पित की। कथा व्यास ने संदेश दिया कि हमारे जीवन का वास्तविक उद्देश्य केवल भौतिक उपलब्धियों तक सीमित नहीं है, यह जीवन तो आत्मिक उन्नति के लिये है। आज का युग विज्ञान, तकनीक और प्रगति का युग है, परंतु इसी के साथ भीतर अशांति, तनाव, अकेलापन और असंतुलन भी बढ़ता जा रहा है। ऐसे समय में श्रीमद् भागवत कथा हमें यह स्मरण कराती है कि बाहरी सुखों के पीछे भागते-भागते हम अपने भीतर के आनंद को भूल गए हैं।कथा यह भी पढ़ें- Vikasnagar News: भव्य कलश यात्रा के साथ सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ व्यास आचार्य नित्यानंद सेमवाल ने कहा कि आज जब धरती संकट में है, नदियां प्रदूषित हो रही...
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