मेरठ, मार्च 10 -- हरे कृष्ण राधा माधव जन कल्याण समिति की ओर से गढ़ रोड स्थित गांधी आश्रम चौराहा के पास जय सियाराम मंदिर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। कथा व्यास इस्कॉन वृंदावन के श्रीकृष्ण दास प्रभु ने भक्तों को श्रीमद्भागवत के प्रसंग सुनाते हुए धर्म, भक्ति और नाम-स्मरण की महिमा का विस्तार से वर्णन किया। कथा में उन्होंने बताया कि शास्त्रों में वर्णित नरक त्रिलोकी के भीतर दक्षिण दिशा में पृथ्वी के नीचे जल के ऊपर स्थित हैं, जहां कुल मिलाकर 28 प्रकार के नरक का उल्लेख मिलता है। इनमें मनुष्य अपने पाप कर्मों के अनुसार विभिन्न प्रकार की यातनाएं भोगता है। उन्होंने कहा कि मनुष्य मन, वचन और कर्म से पाप करता है। यदि जीवनकाल में प्रायश्चित नहीं करता तो मृत्यु के बाद उसे उसके कर्मों का दंड भोगना पड़ता है।कथाव्...