उरई, मई 4 -- जालौन। ग्राम माहिया खास स्थित रामजानकी मंदिर पर आयोजित साप्ताहिक श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन कथा व्यास पंडित सर्वेश दीक्षित ने ध्रुव और प्रहलाद के चरित्र का वर्णन करते हुए कहा की मन में विश्वास और भगवान के प्रति श्रद्धा होने पर परमात्मा उसकी हर संभव रक्षा करते हैं, जैसे ध्रुव ने सबसे कम आयु 8 वर्ष में भगवान की प्राप्ति कर ली,लक्ष्य की प्राप्ति के लिये सिर्फ दृढ निश्चय होकर उस ओर लगन से काम करते रहने की जरुरत, जैसे ध्रुव ने किया। प्रहलाद का चरित्र सुनते हुए उन्होंने कहा कि प्रहलाद के पिता हिरणाकश्यप द्वारा प्रहलाद को नाना प्रकार के कष्ट दिए गए लेकिन भगवान की प्रति सच्ची श्रद्धा और विश्वास के चलते उन्होंने अपना लक्ष्य नही छोडा और भगवान नारायण का जाप किया जिसके तहत ईश्वर ने उनकी हर मोड पर सहायता की।उनके यह भी पढ़ें- श्रीमद्भाग...