औरैया, मार्च 14 -- कंचौसी, संवाददाता। नौगवां रोड स्थित श्री जागेश्वर साईं धाम में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के छठे दिन कथाव्यास पंडित राकेश त्रिपाठी ने कंस वध और रुक्मिणी विवाह का प्रसंग सुनाया। कथा सुनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पंडाल में मौजूद रहे। कथाव्यास ने बताया कि कंस के अत्याचारों से परेशान होकर पृथ्वीवासियों ने भगवान से रक्षा की प्रार्थना की, तब भगवान श्रीकृष्ण ने अवतार लिया। कंस को पहले से ही यह आभास था कि उसका वध श्रीकृष्ण के हाथों होना तय है, इसलिए उसने बाल्यावस्था में ही कई बार उन्हें मरवाने का प्रयास किया, लेकिन हर बार वह असफल रहा। उन्होंने बताया कि कंस ने अक्रूर के माध्यम से मल्ल युद्ध के बहाने श्रीकृष्ण और बलराम को मथुरा बुलवाया और उन्हें शक्तिशाली योद्धाओं तथा पागल हाथियों से मरवाने का प्रयास किया। लेकिन अंतत: श्रीक...
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