समस्तीपुर, मई 7 -- मोहिउद्दीननगर। सुलतानपुर के आलिमपुर बदिया में शिवशक्ति महायज्ञ के अवसर पर आयोजित भागवत कथा के दूसरे दिन श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। कथा में ध्रुव चरित्र का वर्णन करते हुए वृंदावन से आये कथावाचक पूज्य पंडित प्रशांत जी महाराज ने बताया कि दृढ़ संकल्प, भक्ति एवं भगवान के प्रति अटूट विश्वास से पांच वर्ष की आयु में ध्रुव ने अमरत्व प्राप्त किया था।

ध्रुव की भक्ति सच्ची श्रद्धा एवं भक्ति से मनुष्य अपने जीवन के सभी कष्टों को पार कर सकता है। उन्होंने कहा कि राजा उत्थान का पुत्र ध्रुव को अपनी सौतेली मां की चालाकी से पिता का आशीर्वाद नहीं मिलने पर गहन दुख हुआ। लेकिन बालक ध्रुव ने हार नहीं मानी। नारद मुनि के उपदेश पर वह भगवान विष्णु की भक्ति में लीन हो गया। जंगल में कठोर तपस्या करते हुए उसने मात्र तीन माह में ओम नमो भगवते वासुदेवाय ...