मुजफ्फर नगर, अप्रैल 22 -- मोरना कथाव्यास अचल कृष्ण शास्त्री ने कहा कि भक्ति आश्रित व्यक्ति का जीवन प्रेरक और एक उदाहरण बन जाता है, जैसे ध्रुव और प्रहलाद। भागवत मनुष्य के जीवन और मृत्यु को संवारती है। अपने जीवन को संवारने और पितरों के कल्याण का भागवत सबसे बड़ा साधन है।भागवत पीठ श्री शुकदेव आश्रम, शुकतीर्थ में जयश्री राय जी की पुण्य स्मृति में डा. नीलम राय वर्मा धर्मपत्नी एसएसपी संजय कुमार वर्मा के संयोजन में चल रही भागवत कथा में भक्त ध्रुव और प्रहलाद की कथाओं का मार्मिक विवेचन किया। कथा के चतुर्थ दिवस में मुख्य यजमान मऊ से पधारे अरुण शंकर राय ने कथाव्यास अचल कृष्ण शास्त्री को तिलक लगाकर व्यासपीठ और भागवत पोथी का पूजन किया। अचल कृष्ण शास्त्री ने कहा कि भागवत कथा श्रवण एवं भगवद् चरणों में श्रद्धा और भक्ति से जीवन के वास्तविक लक्ष्य की प्राप्त...
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