रांची, अप्रैल 9 -- रांची, संवाददाता। चुटिया के सेठ रामेश्वर लाल पोद्दार स्मृति भवन धर्मशाला में आयोजित सात दिनी श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन गुरुवार को कथा में भक्ति का संगम बना रहा। कथावाचक व्यास मां चैतन्य मीरा ने सभी को श्राद्ध पक्ष में भागवत कथा श्रवण के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने कहा की कथा सुनने से पितरों को शांति मिलती है और वे प्रसन्न होकर आशीर्वाद देते हैं। श्रीमद् भागवत कथा न केवल आध्यात्मिक उन्नति का माध्यम है, बल्कि यह जीवन में प्रेम, करुणा और समर्पण की भावना भी विकसित करती है। यही वह ग्रंथ है जो हमें भगवान श्रीकृष्ण से जोड़ता है। भगवान श्रीकृष्ण अपनी आराध्या राधा रानी के बिना अधूरे हैं, इसलिए कथा श्रवण से ही हम राधा-कृष्ण की कृपा पा सकते हैं। यदि कोई श्रद्धा और सरल भाव से कथा सुनता है, तो वह वास्तविक रूप में प्रभु को...