उन्नाव, मार्च 1 -- बीघापुर। तहसील क्षेत्र के अमरपुर आंव ग्राम में भागवत कथा के पांचवें दिन श्रद्धा और भक्ति का संगम दिखा। कथाव्यास आचार्य गोपाल शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण द्वारा की गई बाल लीलाओं व गोवर्धन लीला का वर्णन किया। उन्होने बताया कि ब्रजवासियों में इंद्र देव की पूजा का प्रचलन था, तब भगवान श्रीकृष्ण ने उन्हें कर्म और प्रकृति के प्रति जागरूक करते हुए गोवर्धन पर्वत की पूजा का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि गोवर्धन लीला यह सिखाती है कि अहंकार का अंत निश्चित है और सच्ची भक्ति ही जीवन का आधार है। उन्होने गोवर्धन पूजा को प्रकृति संरक्षण, गौ सेवा और सामूहिक एकता का प्रतीक बताया। इस मौके पर प्रमुख रूप से महेशदत्त तिवारी, भुल्लन शर्मा, गंगा प्रसाद, पूरन लाल, रविशंकर, लल्लन, पिंकू, पियारे व गोलू आदि मौजूद रहे।
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