भागवत कथा कलयुग का प्रत्यक्ष ग्रंथ, श्रवण से सुधरते हैं बच्चों के संस्कार: व्यास वत्सल
देहरादून, मई 19 -- सहारनपुर चौक स्थित पृथ्वी नाथ महदेव मंदिर में आयोजित भागवत कथा में कथा व्यास आचार्य डॉ विनीत वत्सल ने कहा कि यह कलयुग का प्रत्यक्ष ग्रंथ है। यदि साक्षात श्रीकृष्ण के दर्शन करने हो तो भागवत की शरण में आएं। कथा श्रवण करने वाले से प्रभु स्वयं मिलने आते हैं। इससे भक्त का जीवन कल्याणकारी हो जाता है। कथा के दूसरे दिन महंत श्री श्री 108 रवींद्र पुरी जी महाराज के सानिध्य में पुरुषोत्तम मास में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत 51 कन्याओं के सामूहिक विवाह के लिए आयोजित भागवत कथा में कथा व्यास आचार्य डॉ विनीत वत्सल ने कथा के श्रवण का महत्व बताया। यह भी पढ़ें- श्रीमद्भागवत कथा के महात्म्य का विस्तार से वर्णन किया कहा कि पवित्र भागवत व पवित्र रामायण यह दोनों ऐसे ग्रंथ हैं कि इनके श्रवण व स्मरण मात्र से बच्चों से लेकर बड़ों में अच...
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