दुमका, फरवरी 18 -- रामगढ़, प्रतिनिधि। रामगढ़ प्रखंड अंतर्गत सरमीनाथ शिव मंदिर प्रांगण में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के सातवें दिन मंगलवार को दशम स्कंध में वर्णित सुदामा चरित्र सच्ची मित्रता, निस्वार्थ प्रेम और निष्काम भक्ति का अनूठे प्रसंग का कथा वाचक गोपाल भाई ओझा द्वारा अद्भुत वर्णन किया गया। भागवत कथा में गोपाल भाई ओझा द्वारा श्रीकृष्ण और सुदामा की बाल सखा मित्रता को भावपूर्ण तरीके से सुनाया गया। जिसमें द्वारकाधीश द्वारा सुदामा के प्रेम स्वरूप मुट्ठीभर चावल स्वीकार कर निर्धन सुदामा को वैभव प्रदान करने का वर्णन किया गया। कथा व्यास गोपाल भाई ओझा ने वर्णन करते हुए कहा की सुदामा जितेंद्रिय एवं भगवान कृष्ण के परम मित्र थे। भिक्षा मांगकर अपने परिवार का पालन पोषण करते। गरीबी के बावजूद भी हमेशा भगवान के ध्यान में मग्न रहते। पत्नी सुशीला सुदामा जी...