संजय कुमार भागलपुर, मार्च 27 -- बिहार के भागलपुर में गंगा की तलहटी में मानक से अधिक मात्रा में आर्सेनिक जमा है। पेयजल में आर्सेनिक की अधिकतम स्वीकार्य सीमा 0.05 मिली ग्राम प्रति लीटर (50 पीपीबी) है। यह खुलासा त्रिभुवन यूनिवर्सिटी, नेपाल और कांगवॉन नेशनल यूनिवर्सिटी, चूनचियोन, दक्षिण कोरिया के जल विशेषज्ञों की शोध रिपोर्ट में हुआ है। विदेशी विशेषज्ञों ने गंगा की उपधारा जमनिया (इसे जमुनिया के नाम से स्थानीय लोग जानते हैं) से पानी का सैंपल लिया था। विशेषज्ञों ने शहर से सटे 17 इलाकों से पानी के सैंपल से यह जानने की कोशिश की थी कि आर्सेनिक का लेवल कहां-कितना है। रिपोर्ट में बताया गया कि छह स्थलों पर मानक से पार 55 पीपीबी तक है। चार जगहों पर डेंजर लेवल के करीब है। सात जगहों पर पानी बेहतर पाया गया। नेपाल-कोरिया के शोधार्थियों को तिलकामांझी भागलप...