रांची, जुलाई 2 -- रांची, विशेष संवाददाता। झारखंड हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि भांग को नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंसेस एक्ट (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत प्रतिबंधित कैनबिस (गांजा) की श्रेणी में नहीं माना जा सकता। अदालत ने कहा कि कानून में भांग को जानबूझकर प्रतिबंधित पदार्थों की सूची से बाहर रखा गया है। इसी आधार पर कोर्ट ने निचली अदालत द्वारा सात वर्ष की सजा पाए एक आरोपी की दोषसिद्धि और सजा को रद्द करते हुए उसे बरी कर दिया। जस्टिस प्रदीप कुमार श्रीवास्तव की एकल पीठ ने ट्रायल कोर्ट द्वारा सुनाई गई सात वर्ष के कठोर कारावास और 50 हजार रुपये के जुर्माने की सजा को निरस्त कर दिया। ट्रायल कोर्ट ने आरोपी सुनील सिंह को एनडीपीएस अधिनियम की धारा 20(बी), 22(बी) एवं 11(बी) के तहत दोषी ठहराया था。

मामला पुलिस गश्ती दल की ...