नई दिल्ली, अक्टूबर 16 -- राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) ने शुक्रवार को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) को बताया कि पूर्व में गंगा नदी की सहायक नदियों को नाले के रूप में टैप करने की अनुमति दे दी गई थी, लेकिन अब भविष्य में ऐसा नहीं होगा। एनएमसीजी ने वाराणसी में असि और वरुणा नदियों के पुनरुद्धार से जुड़ी याचिका पर सुनवाई के दौरान यह जानकारी दी है। पिछली सुनवाई पर असि नदी को टैप किए जाने पर एनजीटी ने कड़ी नाराजगी जाहिर की थी। एनजीटी में अपना पक्ष रखते हुए एनएमसीजी ने कहा कि चूंकि सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) राज्य सरकारों द्वारा तैयार की जाती हैं और इन डीपीआर में पहले कभी-कभी गंगा की सहायक नदियों को 'नाले' के रूप में टैप (जोड़ने) का प्रस्ताव दिया गया था, इसलिए अनजाने में उससे (एनएमसीजी) 2-3 मौकों पर इ...