नई दिल्ली, मार्च 19 -- नई दिल्ली। केंद्र सरकार ऐसी तकनीक पर काम रही है, जो भविष्य में बनने वाली सड़कों पर दरारें और गड्ढे नहीं होने देगी। सेल्फ हीलिंग (स्व-उपचार) नामक यह तकनीक सड़क पर दरारें पड़ने से पहले उसे भर देगी, जिससे गड्ढे नहीं बनेंगे। भारत में हर साल गड़्ढों के कारण औसतन 5,000 सड़क हादसों में लगभग 2,000 लोगों की जान जाती है। वहीं, इस तकनीक के अपनाने से सरकार को हर वर्ष छह से आठ हजार करोड़ रुपये की बचत होगी। सरकार इस रकम को गड्ढों को ठीक करने पर खर्च कर देती है।सड़क परिवहन मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि भारत जैसे विशाल सड़क नेटवर्क वाले देश के लिए सेल्फ-हीलिंग तकनीक केवल एक लग्जरी नहीं, बल्कि एक आवश्यकता है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, सरकार राष्ट्रीय राजमार्गों के रखरखाव के लिए सालाना 15 से 20 हजार करोड़ रुपये के बीच बजट...
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