दरभंगा, मार्च 14 -- दरभंगा। वर्तमान युग संचार क्रांति का युग है। इस युग में एटॉमिक प्रोसेस, लेजर तकनीक व टेराहर्ट्ज प्रौद्योगिकी की भूमिका काफी बढ़ जाती है। एमएलएसएम कॉलेज में भौतिकी विभाग के तत्वावधान में एटॉमिक प्रोसेस, लेजर, नैनो मैटेरियल एवं टेराहर्ट्ज टेक्नालॉजी फॉर फाइबर कम्युनिकेशन विषयक दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कान्फ्रेंस के शुभारंभ के अवसर पर मुख्य अतिथि ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजय कुमार चौधरी ने ये बातें कही। कुलपति प्रो. चौधरी ने कहा कि एटॉमिक प्रोसेस के अध्ययन से संचार प्रणाली की क्षमता और दक्षता बढ़ती है, जबकि ऑप्टिकल फाइबर में डेटा भेजने के लिए लेजर प्रकाश स्रोत के रूप में प्रयोग होता है। इससे उच्च गति इंटरनेट, केबल टीवी और लंबी दूरी के संचार में लेजर अत्यंत आवश्यक है। नैनो टेक्नोलॉजी से बने पदार्थ ऑप्...
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