नई दिल्ली, अगस्त 31 -- जलवायु परिवर्तन के कारण समुद्र का बढ़ता जलस्तर केवल पर्यावरण की समस्या नहीं बल्कि मानव सभ्यता के अस्तित्व, अर्थव्यवस्था के लिए भी गहरा संकट है। संयुक्त राष्ट्र की एक विशेष जलवायु रिपोर्ट के मुताबिक अगर विषैली गैसों का उत्सर्जन इसी गति से जारी रहा तो इस बात की आशंका है कि साल 2100 तक समुद्री जलस्तर 2 मीटर तक ऊपर उठकर विशाल तटीय भूभाग को जलमग्न कर देगा। रिपोर्ट के मुताबिक 2014 से 2023 के दौरान वैश्विक स्तर पर समुद्र का जलस्तर 4.7 मिलीमीटर प्रतिवर्ष की दर से बढ़ा था लेकिन 2024 में इसने पुराना रिकॉर्ड तोड़ते हुए 5.9 मिलीमीटर की चौंकाने वाली बढ़ोतरी दर्ज की। वैज्ञानिकों का आकलन है कि सबसे अनुकूल स्थिति रहने पर भी इस सदी के अंत यानी वर्ष 2100 तक समुद्र का जलस्तर कम से कम 0.55 मीटर तक बढ़ जाएगा। वहीं सबसे गंभीर स्थिति में ...