भागलपुर, अप्रैल 1 -- भागलपुर, मुख्य संवाददाता। बिहार में रॉयल्टी कटौती की जांच में कुछ गड़बड़ी हो रही है। जिससे सरकार को उचित राजस्व नहीं मिल रहा है। अब खान एवं भूतत्व विभाग ने तमाम यांत्रिकी विभागों के ऑडिट निजी अंकेक्षकों से कराने का निर्णय लिया है। निजी अंकेक्षक निर्माण कार्य में व्यवहृत लघु खनिजों के रॉयल्टी की जांच करेंगे। अंकेक्षण को फीस की गणना में मालिकाना फी और रॉयल्टी की जांच करनी है। इससे बड़े पैमाने पर रॉयल्टी चोरी का खुलासा संभव है। विभाग को शक है कि ठेकेदारों ने विभाग की मिलीभगत से गलत तरीके से रॉयल्टी की काटी रकम जमा कराई है। भवन निर्माण विभाग के संयुक्त सचिव कुमार अनुराग ने सभी कार्यपालक अभियंताओं को इस संबंध में पत्र भेजा है। पत्र के मुताबिक भवन निर्माण विभाग अन्तर्गत क्रियान्वित परियोजनाओं के निर्माण में व्यवहृत लघु खनिज...