भरत मिलाप प्रसंग भाइयों में प्रेम प्रगाढ़ करने का संदेश
बलिया, मार्च 1 -- रसड़ा, हिन्दुस्तान संवाद। क्षेत्र के सुल्तानीपुर गांव में चल रहे नौ दिवसीय नवकुंडीय सहस्र चंडी महायज्ञ में रविवार को श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा, सैकड़ों की संख्या में भक्तगणों ने यज्ञ मंडप की परिक्रमा किया। आचार्यों के वैदिक मंत्रोच्चार से पूरा वातावरण भक्तिमय बन गया। उधर, शनिवार की शाम अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचिका पंडित गौरांगी गौरी ने भरत-श्रीराम मिलाप प्रसंग का अत्यंत मार्मिक ढंग से प्रस्तुत किया, जिसे सुनकर सभी श्रद्धालु रो पड़े। कथा वाचिका गौरी ने बताया कि भरत के मामा के घर से आने के बाद वह माता कैकेई और भ्राता राम के कक्ष में जाते हैं। उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि उनके प्राणप्रिय भैया और भाभी 14 वर्ष के वनवास के लिए अयोध्या से निकल पड़े हैं। जैसे ही उनको इस बात की जानकारी होती है यह मूर्छित होकर गिर पड़ते...
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