सिद्धार्थ, अक्टूबर 5 -- डुमरियागंज, हिन्दुस्तान संवाद। डुमरियागंज क्षेत्र के बयारा कस्बे में चल रहे दुर्गा पूजा समारोह के दौरान आयोजित श्रीरामकथा में शुक्रवार रात कथावाचक आलोकानंद शास्त्री ने भरत चरित्र का वर्णन किया। इसे सुनकर श्रद्धालु भाव विभोर हो गए। कथावाचक ने कहा कि भरत का आचरण दर्शाता है कि संपत्ति और राज्य पर अपना अधिकार छोड़ने और भाई प्रेम के लिए सब कुछ त्याग देने की भावना समाज के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण है। कथावाचक ने कहा कि भरत चरित्र कथा सुनकर लोग भाव विभोर हो जाते हैं क्योंकि यह भाइयों के प्रेम, त्याग और कर्तव्यपरायणता का एक अनूठा उदाहरण है। जहां उन्होंने अपने बड़े भाई राम के प्रति अटूट भक्ति और निष्ठा प्रदर्शित की और मां कैकेयी की मांग के बावजूद राजपाट स्वीकार करने से इंकार कर दिया। भरत ने राम की पादुकाएं रखकर और खुद नंदीग...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.