चित्रकूट, जनवरी 29 -- चित्रकूट, संवाददाता। भरतकूप रेलवे स्टेशन से भरतकूप मंदिर को जोड़ने वाला मार्ग पूरी तरह ध्वस्त हो गया है। सड़क में गड्ढों की भरमार है। जिससे क्षेत्रीय लोगों के साथ ही मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोग आए दिन हादसों का शिकार हो रहे हैं। अक्सर ई-रिक्शा पलटने से लोग मामूली तौर पर घायल हो जाते है। फिर भी जिम्मेदार महकमे के अधिकारी अनजान बने हुए है। मान्यता है कि प्रभु श्रीराम को वनवास के दौरान जब भरत मनाने चित्रकूट आए तो राज्याभिषेक के लिए अपने साथ सात पवित्र नदियों का जल भी लाए थे। प्रभु श्रीराम के वापस न लौटने पर भरत ने अयोध्या जाते समय इस पवित्र जल को भरतकूप स्थित कूप में छोंडा था। इसी कूप के जल से स्नान के लिए दूर-दूर से श्रद्धालुओं का आवागमन होता है। रेलवे स्टेशन भरतकूप से इस कूप तक...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.