बेगुसराय, मार्च 17 -- तेघड़ा,निज प्रतिनिधि। अपने माता पिता एवं बूढ़े-बुजुर्गों का भरण पोषण करना प्रत्येक नागरिकों की जिम्मेदारी है। अगर कोई ऐसा नहीं करता है तो संविधान में इसके लिए प्रावधान तो है ही, भगवान भी उन्हें माफ नहीं करते हैं। एसडीएम राकेश कुमार ने भरण पोषण अधिनियम के अंतर्गत एक युवक को अपने मां का भरण पोषण नहीं करने के मामले में कहा। दरअसल एक बुजुर्ग महिला ने एसडीएम के कोर्ट में अपने पुत्रों के विरूद्ध मामला दर्ज कराया था। इसी मामले की सुनवाई करते हुए एसडीएम राकेश कुमार ने कहा कि अपने बुजुर्गों की सेवा करना मानवता है। सुनवाई के दौरान बुजुर्ग महिला ने जब अपनी व्यथा सुनाई तो पूरा माहौल गमगीन हो गया। महिला की बात सुनने पर युवक को फटकार लगाते हुए एसडीएम ने हिदायत दी कि अगर कोई शिकायत मिला तो शख्त सजा दी जाएगी। महिला के पति का कुछ वर्...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.