नई दिल्ली, मार्च 2 -- लखनऊ। नवाबों के शहर लखनऊ में इस बार होली के उल्लास पर भद्रा और चंद्र ग्रहण का मिला-जुला साया मंडरा रहा है। ज्योतिषीय गणनाओं और पंचांग के फेर के कारण इस वर्ष होलिका दहन और रंगों की होली की तारीखों को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई थी, जिसे विद्वानों ने स्पष्ट कर दिया है। भद्रा और ग्रहण के कारण इस बार 3 मार्च को होली नहीं खेली जाएगी, बल्कि 4 मार्च को रंगोत्सव मनाना ही शास्त्र सम्मत और शुभ माना जा रहा है।भद्रा और ग्रहण के चलते दहन के मुहूर्त में बदलाव ज्योतिषाचार्य एसएस नागपाल और पंडित राकेश पांडेय के अनुसार, होलिका दहन के लिए भद्रा रहित प्रदोष व्यापिनी पूर्णिमा तिथि सबसे उत्तम होती है। इस वर्ष 2 मार्च की शाम 05:18 बजे से पूर्णिमा तिथि शुरू हो रही है, लेकिन साथ ही भद्रा भी लग रही है जो अगले दिन भोर 04:56 बजे तक रहेगी। शा...