हल्द्वानी, अप्रैल 24 -- भदयूनी में मातम: बीमार पिता की 'सांस' था कमल, जंगली जानवर ने छीना बुढ़ापे का इकलौता सहारा - बुढ़ापे की लाठी टूटा: बीमार पिता के लिए दवा लाने वाला हाथ सदा के लिए शांत- उम्मीदों का कत्ल: घर का चूल्हा जलाने वाले इकलौते सहारे को निगल गया हिंसक जानवरमोहम्मद खालिद खां। हल्द्वानीपहाड़ की पथरीली राहों पर जब किसी बुजुर्ग की लाठी टूटती है, तो दर्द की गूँज पूरे गांव में सुनाई देती है। भदयूनी गांव में आज ऐसा ही मंजर है। जिस बेटे ने परसों ही अपने बीमार पिता की उखड़ती सांसों को थामने के लिए हल्द्वानी से दवा लाकर दी थी, आज उसी बेटे का शव गदेरे में मिलने से कोहराम मच गया है।शादी से लौटा, पर घर नहीं पहुँचा:32 वर्षीय कमल गुरुवार को एक शादी समारोह से लौट रहा था, लेकिन वह घर नहीं पहुँचा। शुक्रवार को गदेरे में उसका क्षत-विक्षत शव मिलने...
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