बहराइच, मई 17 -- रिसिया, संवाददाता। रिसिया के एक रिसॉर्ट में रविवार को आशा, आशा संगिनी कर्मचारी संगठन के बैनर तले आशाओं ने बैठक की। इस दौरान एमएलसी प्रतिनिधि को संगठन का संरक्षक मनोनीत किया गया। विशिष्ट अतिथि प्रमुख प्रतिनिधि संजय जायसवाल रहे। आशाओं ने स्वास्थ्य विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए मांग किया कि यदि जल्द ही समस्याएं दूर नहीं हुईं तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। आशा बहुओं ने कहा कि वर्ष 2024 से अब तक भत्ता नहीं दिया गया है। प्रसव के समय गर्भवती महिलाओं को सीएचसी तथा पीएचसी पर भर्ती करते समय शोषण किया जाता है। गर्भवती महिला की देखभाल और टीकाकरण के नाम पर मात्र 150 रुपए मिलते हैं। इसे मिलने में करीब एक वर्ष लग जाते हैं। प्रसव के समय मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के लिए एम्बुलेंस कर्मी व फार्मासिस्ट तक वसूली करते हैं। सभी दवाएं बाहर से मंगान...