वाराणसी, सितम्बर 5 -- वाराणसी, कार्यालय संवाददाता। बाल मन भटक रहा है। मामूली बातों पर बच्चे घर छोड़ रहे हैं। कहीं माता-पिता की डांट कारण बन रहा तो कहीं आर्थिक दिक्कत, पढ़ाई का दबाव, प्रतियोगी परीक्षाओं में असफलता का मलाल। घर छोड़ने के बाद उन्हें रेलवे स्टेशन सुरक्षित ठौर लगता है। वाराणसी जंक्शन (कैंट), बनारस और वाराणसी सिटी स्टेशनों पर जनवरी से अब तक रेस्क्यू किए गए लगभग 350 बच्चों की काउंसिलिंग से ये बातें सामने आई हैं। घर छोड़ चुके बच्चों को गलत रास्तों से बचाने के लिए रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की ओर से ऑपरेशन 'नन्हें फरिश्ते' चलाया जाता है। जबकि राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ऑपरेशन 'मुस्कान' के तहत ऐसे बच्चों को रेस्क्यू करती है। आंकड़ों पर नजर डालें तो जनवरी से 3 सितम्बर तक कैंट स्टेशन पर ट्रेनों और प्लेटफॉर्मों से 235 से ज्यादा बच्चे, किशोर...