सासाराम, मई 13 -- दावथ, एक संवाददाता। श्री शतचंडी महायज्ञ केदार चवरी में रामनवमी पर आयोजित विशेष प्रवचन में आचार्य विनोद व्यास जी महाराज ने कहा कि भगवान राम का जन्म केवल एक राजपुत्र का जन्म नहीं, बल्कि मर्यादा, धर्म और आदर्श का जन्म है। राम ने सबरी के जूठे बेर खाए और निषादराज को गले लगाया।

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