रांची, जून 29 -- इटकी, प्रतिनिधि। भगवान श्री जगन्नाथ स्वामी सोमवार को स्नान यात्रा के बाद 15 दिनों के एकांतवास में चले गए। इससे पूर्व पंडित श्याम सुंदर तिवारी ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ भगवान जगन्नाथ, भाई बलराम और बहन सुभद्रा सहित अन्य विग्रहों को विभिन्न सुगंधित जलों से स्नान कराया। इसके बाद इटकी के भूतपूर्व जमींदार के वंशज लाल रामेश्वर नाथ शाहदेव ने विधि-विधान से भगवान जगन्नाथ की पूजा-अर्चना की। इस दौरान भगवान को विभिन्न पकवान और नए फलों का भोग लगाया गया। महाआरती के बाद विग्रह एकांतवास में चले गए। स्नान यात्रा के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और जयकारा लगाते रहे। यह भी पढ़ें- जगन्नाथपुर मंदिर में 108 कलशों के सुगंधित जल से हुआ प्रभु का महास्नान मंदिर प्रबंधन के अनुसार 15 जुलाई को भगवान जगन्नाथ एकांतवास से बाहर आएंगे। 1...