लोहरदगा, मार्च 13 -- कुड़ू, प्रतिनिधि।देखना है, तो उनको देखिए जिन्हें देखने के बाद कुछ देखने का मन नहीं करे। और वैसा तब आप देख सकते हैं, जब आप दूसरों से ईर्ष्या करना, हमेशा टेंशन में रहना, झगड़ा करना आदि गलत कर्मों को त्याग कर भगवान की भक्ति में लगकर सदा मुस्कुराते रहिए, और सद्कर्म करते हुए भगवान के विभिन्न स्वरूपों का दर्शन व मंथन कर भगवान में मन लगाएं। उक्त बातें लोहरदगा कुड़ू के बरवाटोली में चल रहे सात दिवसीय भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ में व्यास पीठ से छठे दिन शुक्रवार को प्रवचन देते हुए वृंदावन से आए आचार्य प्रभुदास जी महाराज ने कही।उन्होंने कहा कि कर्म का फल हर हाल में मिलता है, जैसा कर्म करेंगे उसका फल भी उसी के अनुरूप मिलती है। इसलिए लोग अपने कर्म में विशेष ध्यान दे। उन्होंने भगवान कृष्ण के विभिन्न स्वरूपों व लीलाओं का वर्णन करते हु...
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