जमशेदपुर, मार्च 16 -- बिष्टूपुर सत्यनारायण श्याम मारवाड़ी मंदिर में चल रहे सात दिवसीय शिव महापुराण कथा के छठे दिन रविवार को कथावाचक सुदर्शनाचार्य महाराज ने बाणासुर, अंधकासुर और भस्मासुर की कथाओं का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि शिव महापुराण शिक्षा देता है कि अहंकार कितना भी शक्तिशाली हो, भगवान की शरण में आकर ही शांत होता है। कथावाचक ने कहा कि आज की कथाएं भगवान शिव की शक्ति, करुणा और दुष्टों के संहार का वर्णन करती हैं। बाणासुर को शिव ने संरक्षण दिया था, लेकिन भस्मासुर ने वरदान से अहंकार कर स्वयं को भस्म किया। अंधकासुर का वध महादेव ने अहंकार नष्ट करने के लिए किया। सुदर्शनाचार्य महाराज ने बताया कि बाणासुर भगवान शिव का परम भक्त था, लेकिन अपनी शक्ति के अभिमान में उसने भगवान श्रीकृष्ण को युद्ध के लिए चुनौती दी। श्रीकृष्ण ने सुदर्शन चक्र से उसके ...
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