हरदोई, जनवरी 25 -- हरदोई। भगवान रामचंद्र की लीला के अंतर्गत वृंदावन से आए कलाकारों द्वारा भगवान शिव-पार्वती विवाह का मनोहारी मंचन किया गया। कार्यक्रम में शिव विवाह प्रसंग को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया, जिसे देखकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। लीला में दिखाया गया कि माता सती ने हिमाचल राजा के यहां पार्वती के रूप में जन्म लिया। नारद मुनि ने हस्तरेखा देखकर बताया कि पार्वती के लिए योग्य वर केवल भगवान शंकर ही हैं। यह सुनकर माता मैना को दुख हुआ, लेकिन पार्वती ने सभी को समझाया और स्वयं वन में जाकर तपस्या करने लगीं। इधर असुरों का उत्पात बढ़ने लगा, जिससे देवता भयभीत हो गए। उन्हें ज्ञात हुआ कि भोलेनाथ के पुत्र द्वारा ही असुरों का वध संभव है। शिव की तपस्या भंग करने के लिए कामदेव को भेजा गया। कामदेव ने बाण चलाए तो भगवान शंकर क्रोधित हो उठे और अपना ...
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